विश्व आदिवासी दिवस पर कुई में हुआ भव्य आयोजन, संस्कृति और परंपरा संरक्षण का लिया संकल्प
कुई। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायत कुई में आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा, विरासत और गौरव को समर्पित कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आदिवासी समाज के लोगों के साथ बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। इस दौरान पारंपरिक संस्कृति और विरासत के संरक्षण के साथ-साथ समाज में शिक्षा एवं जागरूकता को बढ़ावा देने तथा सामाजिक विकास के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान आदिवासी समाज की समृद्ध परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत पर चर्चा की गई। उपस्थित समाजजनों ने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान उसकी संस्कृति, परंपरा, रीति-रिवाज और प्राकृतिक जीवनशैली से जुड़ी हुई है। नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली विरासत से जोड़ना और आने वाली पीढ़ियों तक इसे सुरक्षित पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है।

विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासी महापुरुषों एवं स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को भी याद किया गया। उपस्थित लोगों ने उनके संघर्ष, त्याग और समाज के प्रति योगदान को नमन करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में शिक्षा को समाज की प्रगति का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए बच्चों और युवाओं को शिक्षा के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया गया।
कार्यक्रम में ग्राम पंचायत कुई के सरपंच धनंजय लहरे, उप सरपंच आनंद मरावी, सचिव फिरत मरावी, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष कन्हैया रजक, पंच राधेश्याम वाटिया, हेमू मरावी, गणेश राज, सुरेश धुर्वे, सोन सिंह तिलगाम, जनक धुर्वे, मनोज मरकाम, धनसिंह धुर्वे, जेठू परस्ते एवं शिवकुमार वाटिया सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग और महिलाएं उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम में महिलाओं की सहभागिता विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। महिलाओं ने उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लेते हुए आदिवासी समाज की एकता और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने का संदेश दिया।



