कामठी समिति में लगभग 1 करोड़ रुपये के धान घोटाले का मामला, जांच में बड़े स्तर की अनियमितता उजागर
कवर्धा जिले के पंडरिया विकासखंड अंतर्गत कामठी सेवा सहकारी समिति में धान खरीदी से जुड़े वित्तीय अनियमितता का बड़ा मामला सामने आया है। खाद्य विभाग की जांच में लगभग 3289 क्विंटल धान की फर्जी खरीद-बिक्री कर करीब 1 करोड़ रुपये की सरकारी राशि के गबन की आशंका व्यक्त की गई है। इस खुलासे के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई तेज कर दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला धान उपार्जन प्रक्रिया के दौरान कथित रूप से हुई गड़बड़ी से जुड़ा है। जांच रिपोर्ट में संकेत मिले हैं कि समिति के प्रभारी प्रबंधक दयाराम पुसऊ सहित कुछ अन्य कर्मचारियों की मिलीभगत से फर्जी दस्तावेज तैयार कर धान की खरीद-बिक्री को दर्शाया गया और शासन की राशि का दुरुपयोग किया गया। आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी करते हुए आर्थिक लाभ के लिए आपसी बंदरबांट की गई।
खाद्य विभाग की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि धान उपार्जन नीति का गंभीर उल्लंघन हुआ है, जिससे शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यह मामला केवल तकनीकी त्रुटि नहीं बल्कि सुनियोजित तरीके से की गई अनियमितता प्रतीत होती है।
खाद्य अधिकारी चंद्र शेखर देवांगन ने इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि यह शासन की धान उपार्जन नीति का स्पष्ट उल्लंघन है और इसमें संलिप्त पाए गए सभी लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने समिति प्रबंधक, ऑपरेटर तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के कड़े निर्देश भी दिए हैं।
इसके साथ ही विभाग ने यह भी संकेत दिए हैं कि मामले में शामिल सभी व्यक्तियों से लगभग 1 करोड़ रुपये की राशि की वसूली की प्रक्रिया भी प्रारंभ की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों की स्पष्ट भूमिका तय कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है और संबंधित दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है। इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और पूरी पारदर्शिता के साथ कार्रवाई की जाएगी।