धरती आबा बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर आदिवासी कांग्रेस ने किया नमन, संघर्ष और स्वाभिमान की विरासत को किया याद
कवर्धा। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान आदिवासी नायक, समाज सुधारक एवं जननायक बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर प्रदेश सचिव आदिवासी कांग्रेस कृष्णा पुसाम ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके संघर्ष, त्याग और आदिवासी समाज के उत्थान में दिए गए अमूल्य योगदान को स्मरण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि आदिवासी अस्मिता, स्वाभिमान और अधिकारों की लड़ाई के प्रतीक हैं।
कृष्णा पुसाम ने कहा कि बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवंबर 1875 को वर्तमान झारखंड राज्य में हुआ था। उन्होंने बहुत कम आयु में ही ब्रिटिश शासन और जमींदारी व्यवस्था द्वारा आदिवासी समाज पर किए जा रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज बुलंद की। उन्होंने आदिवासी समुदाय को संगठित कर “उलगुलान” अर्थात महाविद्रोह का नेतृत्व किया, जिसने अंग्रेजी शासन की नींव को चुनौती दी। उनके आंदोलन का मुख्य उद्देश्य आदिवासियों की जल, जंगल और जमीन पर पारंपरिक अधिकारों की रक्षा करना था।
उन्होंने बताया कि बिरसा मुंडा ने समाज में व्याप्त कुरीतियों, अंधविश्वासों और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ भी अभियान चलाया। वे शिक्षा, जागरूकता, एकता और आत्मसम्मान के प्रबल समर्थक थे। उनके विचारों ने आदिवासी समाज में नई चेतना का संचार किया और लोगों को अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाया।
प्रदेश सचिव कृष्णा पुसाम ने कहा कि अंग्रेजों ने बिरसा मुंडा के बढ़ते प्रभाव और जनसमर्थन से घबराकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। 9 जून 1900 को रांची जेल में उनका निधन हो गया, लेकिन उनका संघर्ष और बलिदान आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। अल्पायु में ही उन्होंने जो योगदान दिया, वह भारतीय इतिहास में सदैव अमर रहेगा।
उन्होंने कहा कि आज के समय में बिरसा मुंडा के आदर्शों को अपनाने की आवश्यकता है। आदिवासी समाज को शिक्षा, संगठन और जागरूकता के माध्यम से आगे बढ़ाते हुए उनके सपनों के समाज का निर्माण करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस अवसर पर उन्होंने समस्त प्रदेशवासियों और आदिवासी समाज को बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
धरती आबा बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर कृष्णा पुसाम ने दी श्रद्धांजलि, कहा– संघर्ष और स्वाभिमान के प्रतीक हैं बिरसा मुंडा